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Karnataka State Syllabus SSLC Hindi Model Question Paper 4 with Answers
Time: 2.30 Hours
Max Marks: 80
I. निम्नलिखित प्रश्नों के लिए चार – चार विकल्प सुझाए गए है, उनमें से सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए (8 × 1 = 8)
प्रश्नः 1.
‘गुण’ का विलोम शब्द है –
A. निर्गुण
B. सगुण
C. सगुण
D. दुगुण
उत्तरः
A. निर्गुण
प्रश्नः 2.
‘जनक’का स्त्रीलिंग रूप है –
A. जननी
B. जानू
C. जानकी
D. जनम
उत्तरः
C. जानकी
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प्रश्नः 3.
‘कमर कसना मुहावरे का अर्थ है –
A. तैयार होना
B. कसकर बाँधना
C. कमर तोडना
D. झुक जाना
उत्तरः
A. तैयार होना
प्रश्नः 4.
‘देना’ शब्द का प्रथम प्रेरणार्थक त्रिया रूप
A. दीनाना
B. दिलाना
C. दे आना
D. दो ना
उत्तरः
B. दिलाना
प्रश्नः 5.
‘अत्यधिक’ शब्द में संधि है –
A. यण
B. गुण
C. वृद्धि
D. अयादि
उत्तरः
C. यण
प्रश्नः 6.
“गुरूदक्षिणा’ शब्द में समास है
A. कर्मधारय
B. तत्पुरुष
C. अव्ययीभाव
D. बहुव्रीहि
उत्तरः
B. तत्पुरुष
प्रश्नः 7.
बेलूर मंदिर – शिल्पकला अनेखी है।
A. का
B. के
C. कि
D. की
उत्तरः
B. के
प्रश्नः 8.
बाल – शक्ति की जय वाक्य के लिए उपयुक्त विराम चिन्ह है –
A. अल्प विराम
B. पूण विराम
C. विस्मयादिबोधक
D. प्रश्नवाचक
उत्तरः
A. अल्प विराम
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II. निम्नलिखित प्रथम दो शब्दों के सूचित संबंधों के अनुरूप तीसरे शब्द का संबंधित शब्द लिखिए। (4 × 1 = 4)
प्रश्नः 9.
निमकोडी : कड़वा :: कश्मीरी सेब: _______________
उत्तरः
मिठ
प्रश्नः 10.
मछली ने दिखाया : पीठ की पटियाँ’ :: भैस ने दिखाया : ________________
उत्तरः
पांजर
प्रश्नः 11.
कर्नाटक के पश्मिम में : सहाद्रि :: कर्नाटक के दक्षिण में _____________
उत्तरः
निलगिरि
प्रश्नः 12.
जसुमति : यशोदा :: बलभद्र _______________
उत्तरः
बलराम
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्यों में लिखिए। (4 × 1 = 4)
प्रश्नः 13.
भारत मा अमरों की जननी’ क्यों कहलाती है ?
उत्तरः
क्योंकि भारत भूमि के अंदर राम, बुद्ध और -गांधी ने सोयं हुआ है, इसलिए अमरों की जननी कहलती है।
प्रश्नः 14.
कवि तुलसी के अनुसार ‘संत’ को कैसे होना चाहिए?
उत्तरः
कवि तुलसी जी के अनुसार हंस पक्षी के साथ संत की तुलना करने है।
प्रश्नः 15.
रामेश्वर किस कारण प्रसिद्ध है?
उत्तरः
रामेश्वर प्रतिष्टित शिव मंदिर के कारण प्रसिद्ध
प्रश्नः 16.
मकान बनाने के बारे में दोस्तों ने किनसे पूछ – ताछ की?
उत्तरः
मकान बनाने के बारे में दोस्तों ने पशुओं से पूछ – ताछ की है।
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IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों में लिखिए। (8 × 2 = 16)
प्रश्नः 17.
जैनुलाबदीन के व्यक्तित्व क परिचय दीजिए?
उत्तरः
जैनुलाबदीन घर में सभी आवश्यक चीजें मात्रा में सुलभता से उपलब्द थी। सभी आनावश्यक एवं ऐशो – आरामवाली चीजों से दूर रहते।
प्रश्नः 18.
परसाई जी ने मंत्री को क्या समझाया?
उत्तरः
परसाई जी ने मंत्री को ऐसा हरगिज मर करियें। ईमानदारों की तलाशी ले यह बडी अशोभनीय बात होगी, फिर इतने बड़े सम्मेलन में भभी गडबडी होगी है।
प्रश्नः 19.
कविता में भारत माँ का स्वरूप कैसे सुशोभित
उत्तरः
मातृभूमि अमरों की जननी है, उसके हृदय में गांधी, बुद्ध और राम हि। मातृभूमि हो – भरे खेत सुहाने है। फल – फलों से सुशोशित है। वह अपने अंदर अपार खनिजों को धन राशि को पाकर सुशोभित है। भारत माँ ज्ञान दीप को धारण कर बहुत ही सुंदर दिख रही है।
प्रश्नः 20.
कृष्ण के प्रति बलराम की सिकायतें क्या है?
उत्तरः
कृष्ण बलराम के प्रति माँ यशोद से शिकायत करह है कि बलराम भैया मुझे कहता है कि तू यशोद का पुत्र नहीं है। मोल का लाभा हुआ है। इसी गुस्से के कारण कष्ण बलराम के साथ खेलने भी नहीं जाती।
प्रश्नः 21.
लेखक के सम्मेलन में भाग लेने का कारण क्या था?
उत्तरः
लेखक ने सम्मेलन में भाग लेने का कारण है कि दूसरे दर्जे में जाऊंगा और पहले का किराया | लूंगा एक सौ पचास रूपये बचने के लिए कारण
प्रश्नः 22.
बालशक्ति की टोली ने गाँव का उद्धार कैसे किया?
उत्तरः
बालशक्ति की बच्चों में गाँव में टोली बनाकर इस प्रकार किय – स्कूल के परिसर को स्वच्छ रखना और गांव की गंदगी को दूर करना हर रोज एक घंटा गाँव के चारों तरफ पेड़ -पौधे लगाना इस तरह किया था।
प्रश्नः 23.
सौरमंडल में शानि का स्थान क्या है?
उत्तरः
सौरमंडल में शानि दूसरा बडं ग्रह है। यह हमरी | पृथ्वी से करीब 750 गुना बड़ा है।
अथवा.
शनि का उपग्रह ‘टाईटन’ के बारे में लिखिए?
उत्तरः
टाईटन हमारे चंद्र से भी काफी बड़ा है। इसका व्यास 5150 किलोमीटर है। अभी कुछ साल पहले तक टाईटन को ही सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह समझ जात है।
प्रश्नः 24.
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सलमा ने क्या कहा?
उत्तरः
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सलमा ने कहा की – प्राकृतिक संसाधनों का अपव्ययं करना नही चाहिए । अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखना भी हमारा दायित है।
अथवा
झूठ का सहारलेने से क्या-क्या सहना पड़ना है?
उत्तरः
झूठ बोल देने से कुछ क्षणिक लाभ अवश्य | होता है। पर उससे अधिक हानि ही होती है। व्यक्तित्व कुंठित होता है। झूठ बोलनेवालों से लोग का विश्वास उठ जाता है। उनकी उन्नती के द्वारा बंद हो जाते है।
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V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार Hवाक्यों में लिखिए। (9 × 3 = 27)
प्रश्नः 25.
गिल्लू के प्रति महादेवी वर्मा जी की ममत का वर्णन कीजिए ?
उत्तरः
गिल्लू के प्रति महादेवी ममतामयी थी। जब वह छोटा सा बच्चा काक के धाव हुए चोंच से तड़प रहा ‘ था। तब उसे हौले से उटाकर अपने कमरे में लाभी
सक्त को रूई से पोछकर चेन्सिलिन का मरहम लगाया कई घंटे उसकी उपचार की उसे फूल रखने की एक हलकी डालिया में रूई बिछाकर उसे खिड़की पर लटका दिया। उसे हमेशा उसका प्रिया काज और बिस्कूट खिस्नाती, उस्की अंतिम समय में पंजे ठंडे होने लगे थी तब रात भर जाकर उसे हीटर लगाया करती थी।
प्रश्नः 26.
राजकिशोर के मानवीय व्यवहार का परिचय दिजिए
उत्तरः
राजकिशोर के मानवीय व्यवहार को देख पते है। जब – कि बसंत कुछ न कुछ खरीदने के लिए विनती की तब उन के पास छुट्टा ना रहने के कारण खारीदने के लिए मना तो किया, किन्तु दो पैसे उन के पास जो छुट्टी था, उसे देने गए किन्तु वह लेने के लिए इनकार करने पर बसंत को समझाति है, मेरे पास नोट है, कल ले लूगाँ नही तो किरानगंज में अपने घर के पास आने के लिए बताते है। बसंत छुट्टी लाने की वादा कर ‘वही रूकने के लिए कहता है तो पंद्रह बीस मिनट वहीं रूकते है।
जब प्रताप साडे – चौदह आने देकर बसंत के अपधान के बारे बताति है। तुरन्त डॉक्टर को ले आते है, कि अमरसिंह को बताकर प्रताप के साथ निकल पड़ते है, डॉक्टर बसंत को तुरंत अस्पताल भर्ती करने के लिए कहते है तो एम्बुलेन्स को बुलाते है। उन दोनों भाई के साभ रह कर सान्तवन दोनों भाई के साथ रह कर सान्तवान देते है। इसी तरह उसका मानवीयता होता है।
प्रश्नः 27.
धीरज सक्सेना को बुद्धिमान रोबोट की जरूरत क्यों थी?
उत्तरः
धीरज सक्सेना को बुद्धिमान रोबोट की जरूरत उस्के नाती – पोतों को होमवर्क करने के लिए एवं वर्ड प्रोफेसर पर काम सांभालने के लिए जरूरत था।
प्रश्नः 28.
दक्षिणी शिखर चढते समय बिछेदी के अनुभवों का विवरण दीजिए।
उत्तरः
दक्षिणी शिखर के ऊपर हवा की गति बढ़ गई थी। उस ऊचाई पर तेज हवा के झोके भुरभुरे बर्फ के कणों को चारों तरफ उड़ा रहे थे। जिससे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने देखा कि भोडी दूर तक कोई ऊंची चढाई नहीं है। ढलान एकदम साधी नीची चली गई है। उन्हें लगा था कि सफलता बहुत नजदीक है। 23 मई 1984 के दिन दोफ़ के । बजकर 7 मिनट पर वे एवरेस्ट की चोटी पर | खड़ी थी।
प्रश्नः 29.
ज्ञान – विज्ञान के क्षेत्र में कर्नाटक की प्रगती का वर्णन कीजिए?
उत्तरः
ज्ञान – विज्ञान के क्षेत्र प्रसिद्ध भारतिय विज्ञान | संस्थान एच.ए.एल, एच.एम.टी, आइ.टी, आइ.बी, एच.ई.एल, बी,ई.एल. जैसे बहुत संस्थाएँ, है। और अनेक दिग्गजों ने वैज्ञानिक के क्षेत्र में सर सी.वी. रामन, सर एम. विश्वेश्वरय्या, डाँ सी.एन. आर राव, डाँ शकुंतला देवी और नारायण मूर्ति ने अपनी महत्व उपलब्धियों से कर्नाटक को विज्ञान क्षेत्र में महत्व | ऊचा स्थान दिया है।
प्रश्नः 30.
समय का सदुपयोग कैसे करन चाहिए?
उत्तरः
समय को छोड़कर बिना किसी बहाने की जो काम करना उसी समय में ही मन लगाकर करनी चाहिए तभी तो समय का सदुपयोग होगा।
प्रश्नः 31.
‘अभिनव मनुष्य कविता के द्वारा दिनकर जी
क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तरः
दिनकर जी के अनुसार सह संदेश देना चाहते हैं कि आज के मानव ने प्रकृति के हर तत्व पर विजय प्राप्त क ली किन्तु विडंबना यहा कि उसने स्व्यं को नही पहचाना अपने भाई चारे को नहीं समझ प्रवृत्ति पर विजय प्राप्त करना मनुष्य की साधना है। मानव – मानब के बीच स्नेह का बाँध – बाँधना मानव दूसरे मानब से प्रेम का रिश्ता जोडकर आपस की दूरी को मिटए वही मानव कहलाने का अधिकारी होगा।
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प्रश्नः 32.
दोहे का भावार्थ आपने शब्दों में लिखिए मुखिया मुख से चाहिए खान पान को एक। पाले पोसे सकल अंग, तुलसी साहित विवेक॥ भावार्थ :
उत्तरः
मुखिया को मुह के समान होना चाहिए मुंह खाने-पीने का काम अकेला करता है। लेकिन वह जो खाता – पीता है उसे से शारीर के सारे अंगों का पालन – पोषण करता है। तुलसी की रम में मुखिया को भी ऐसा ही विवेकवान होना चाहिए। वह काम अपनी तरह से करें लेकिन वह जो खाता – पीता है उसे से शारीर के सारे अंगों का पालन – पोषण करता है। तुलसी की राम में मुखिया को भी ऐसा ही विवेकवान होना चाहिए। वह काम अपनी तरह से करें लेकिन उसका फल सभी में बाँटे।
प्रश्नः 33.
गध्यांश का आनुवाद कन्नड या अंग्रेजी में कीजिए
उत्तरः
बचपन में मेरे तीन अच्छे दोस्त थेो रामानंदशास्त्री, अरविंदन और शिवप्रकाशा ये तीनों ब्राह्मण परिवारों । से थे। रामानंद शास्त्री तो रामेस्वरम मंदिर के सबसे बडे पुजारी पक्षि लक्ष्मण शास्त्री का बेटा था।
ಬಾಲ್ಯದಲ್ಲಿ ನನಗೆ ಮೂರು ಜನ ಒಳ್ಳೆಯ ಮಿತ್ರರಿದ್ದರು. ರಮಾನಂದ ಶಾಸ್ತ್ರಿ, ಅರವಿಂದ ಮತ್ತು ಶಿವಪ್ರಕಾಶ್ ಈ ಮೂರು ಜನ ಬ್ರಾಹ್ಮಣ ಪರಿವಾರದವರಾಗಿದ್ದರು. ರಾಮಾನಂದ ಶಾಸ್ತ್ರಿಯವರು ರಾಮೇಶ್ವರ ದೇವಾಲಯದ ಮುಖ್ಯ ಪೂಜಾರಿಗಳಾದ ಪಕ್ಷಿ ಲಕ್ಷ್ಮಣ ಶಾಸ್ತ್ರಿಯವರ
I had very good friends in my childhood. Ramanand shastry, Arvind and Shivaprakash were from brahmin families. Ramanand Shastry was the son of Pakshi Lakshmana shastry, the chief Priest of Rameshwaram temple.
VI. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच – छः । वाक्यों में लिखिए (2 × 4 = 8)
प्रश्नः 34.
ईटरनेट आदुनिक जीवन शैली का महत्वपूर्ण
अंग बन गया है। कैसे? स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः
ईंटरनेट दूवारा फल भर में बिना ज्यादा खर्च | किए कोई भी विचार हो, स्थिर चित्र हो विडियों चित्र हो दुनिया के किसी भी कोने मे भेजना मुमकिन हो गय है। तुम चाहो तो पूरे एक पुस्तकालय की कित्ताजो के विषय को कम समय में कही भी भेज सकते हो। ईटरनेट आधुनिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग बन गया है।
अथवा
‘सोशल नेटवर्किंग एक क्रांतिकारी खोज है। कैसे बताईए।
उत्तरः
‘सोशल नेटवर्किंग’ एक क्रांतिकारी खोज है। – जिसने दुनिया भर के लोगों को एक जगह पर ला 17
10th Std. HINDI Third language खड़ा कर दिया है, ‘सोश्ल नेटवर्किंग’ के कई। साईट्स है, जैसे – फेसबुक, आरकूट, ट्विट्टर लिकंडइन आदि, इन साइटों के कार्ण देश – विदेश के लोगों की रहन – सहन, वेश – भूषा, खान – पान के अलव, संस्कृति, कला आदि का प्रभाव शीघ्रातिशीघ्र हमरे समाज पर पड रहा है।
प्रश्नः 35.
निम्नलिखित कवितांश पूर्ण कीजिए:
उत्तरः
असफता एक चुनौती है. इसे स्वीकार करो. क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम।
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VII. निम्नलिखित गध्यांश ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :(1 × 4 = 4)
साम्राट अशोक चंद्रगुप्त मौर्य का पौत्र था। अशोक की उदारता और दया की भावना के कारण ही इतिहासकार उस्का गुणगान करते हनी थकते। .उसकी उदारता और दया केवल मानव जाति तक सीमित न थी, वरन वह तो प्राणि – मात्र का संरक्षक और सेवक था। जाति, धर्म और देश की संकीर्णत को समाप्तकर उसने जीव मात्र के हित को अपने जीवन क लक्ष्य बनाया सम्राट अशोक के महान आदर्श आज भी भारत में जीवित है और यहाँ के निवासियों को आत्म – कल्याण, धार्मिक सहिष्णुत और विश्व बंधुत्व की प्रेरणा दे रहे है।
प्रश्नः
क) अशोक का गुणगान क्यों किया जाता है?
उत्तरः
अशोक की उदारता और दया की भावना के कारण ही इतिहासकार उसका गुणगान किया जाता
ख) अशोक के जीवन का लक्ष्य क्या था ?
उत्तरः
जाती धर्म और देश की संकीर्णता को समाप्तकर उसने जीव मात्र के हित को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया।
ग) सम्प्रट अशोक के आदार्श हमें क्या प्रेरणा दे रहे हैं?
उत्तरः
समट अशोक और यहा निवासियों को आत्मा – कल्याण – धार्मिक सहिष्णुता और विश्व बंधुत्व की प्रेरण दे रहे है।
घ) अशोक किसक पौत्र था?
उत्तरः
समाट अशोक चंद्रगुप्त मौर्य पौत्र था।
VIII. 37. दिया गया संकेत बिंदुओं के आधार पर 12-15 वाक्यों में किसी एक विषय के बारे में निबंध लिखिए। (1 × 4 = 4)
च) पर्यटन का महत्व
- पर्यटन का अर्थ
- पर्यटन – एक उद्योग
- पर्यटन कसे लाभ
- उपसंहार।
प्रस्तावना : जीवन में असली आनंद पाने के लिए, प्रकृति का नाश दार्शनिक – आध्यमिक यात्रा | क आयोजन पर्यटन कुछ प्रकृतिक सौंदर्य के विख्यात | है। घूमना, पर्यटन कुछ प्रकृतिक सौंदर्य के विख्यात है। जैसे पर्वत, समुद्र – तट, वन उपवन और कुछ धार्मिक महत्व रखनेवाले पर्यटन भी है। जैसे हरिद्वारा का पुत्रा, वैष्णो देवी, तिम्मप्प का दर्शन, आदि कुछ | ऐतिहासिक महत्त्व भी है। जैसे – ताजमहल, लालकिला आदि।
पर्यटन – एक उद्योग : वर्तमान समय में पर्यटन एक उध्योग का रूप धारण कर चुका है। हिमाचल प्रदेश, जम्मु कश्मीर आदि प्रकृतीय स्थलो की आर्थ – व्यवस्थ पर्यटन पर आधारित है। वहाँ वर्षभर विश्वभर से पर्यटन आते हैं और अपनी कमाई खर्चा करते है। इस से यह पर्यटन स्थल फलते – फूलते है। वह लोगों को आजीविक का साधना मिलता है, इस से आपसी दूरिया कम होती है। अंध विश्वास दृढ़ है।
पर्यटन का विकास : पर्यटन के विकास में विज्ञान – का बड़ा योगदान है। क्यों कि पर्यटन के समय में अनेक उपादानों, उपकरणों एवं साधनी की….. करते पड़ती है। जो हमे प्रधान करता है।
मनुष्य एक ही स्थान में रहते रहते अनुभव करते लगाता है। पर्याटन मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन बन जाता है। यह पर्यटन आज – कल से बी चलती आ रही है। जैसे संकरचार्य, रामानुजार्च, मध्वचार्य, कबीर, बसवण्ण आदि लोग भी पर्यटन करते थे। जिस्से देश की सामाजिकता संस्कृतिक राजनिति कथा का परिचय होता होता था। अपने ज्ञान को मुनियों ने साधु संतो ने देश भर में फैलतो थे।
उपसंहार : स्वतंत्र भारत में इस पर्यटन प्रकृति को प्रोत्साहन देने की लिए पर्यटन मंत्रालय को अस्तित्व में लाया गया। सरकार ने पर्यटन का दर्जा भी बे दिया है। पर्यटन आम विश्वास बढाता है। जीवन में उदारता आती है। हम इस पर्यटन का लाभ उठाना चाहिए।
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छ) वन महोत्सव
- महत्व
- उपयोग
- नाश
- उपसंहार।
अर्थ : आदिकाल से मनुष्य प्रकृति की गोद में पाला बड़ा हुआ है। प्रकृति की अपार संपदा मानवजीवन के लिए बहुत आवश्यक है। मानव का जीवन वनों पर आश्रित है। मनुष्य को वनों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार से लाभ है । वन हमारी आर्थिक संपदा के स्रोत है । वनों से हमें कच्चा माल प्राप्त |
होता है, वनों से अधिक मात्रा में इमारती लकड़ी, वार्निश, रबड आदि मिलता है। विभिन्न जड़ी-बूटियों, सुगंधित पदार्ल्स बनाने के साधन और कागज का सामान सभी वनों से मिलते हैं।
महत्व : प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण का आधार वन ही है। वन वर्षा में सहायक होते हैं तथा वायु को शुद्ध करते हैं । वेदों में प्रकृति की आराधना की गई है। आज तक हमारे देश में आवला, नीम, केला, पीपल और तुलसी की पूजा की जाती है। पृथ्वी को हरा-भरा, सुंदर और आकर्षक बनाने में वृक्षों का बड़ा योगदान है।
संरक्षण : सभ्यता के विकास के साथ-साथ वनों की कटाई अधिक होती जा रही है। जनसंख्या वद्धि के कारण भी बनों का नाश होता जा रहा है। वृक्षों की उपयोगिता के बारे में वैज्ञानिकों के सुझाव लेकर, अधिक वक्ष लगाये जा रहे हैं। उनके अनुसार भारत के कुल भू-भाग का एक तिहाई भाग वन होना चाहिए। सन् 1950 में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और साहित्यकार कन्हैयालाल माणिकलाल ने एक वन नीति की घोषणा की। इसमें वर्तमान वनों की रक्षा
और पर्वतीय प्रदेशों में वृक्षारोपण सरकार ने वनों की कटाई पर रोक लगा दी और प्रतिवर्ष वन महोत्सव मनाए जाने लगे। प्रति वर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जाता है। श्री सुंदरालाल बहुगुण के वृक्षारोपण के प्रयास और ‘चिपको आंदोलन काफी लोकप्रिय है।
वनमहोत्सव के कारण धीरे धीरे वक्षों की संख्या और जंगी जानवरों की संख्या में वृद्धि होने लगी। ‘वन महोत्सव माह’ के नाम से पूरे देश में वृक्षों को लगाया जाता है।
उपसंहार : वक्षों को लगाने से वनों में बढ़ोत्तरी होती है। आज अनेक सामाजिक संस्थाएं वृक्षारोपण के लिए कई कार्यक्रम कर रही है। वन-जागति से
यह आशा है कि हमारी धरती फिर से हरी-भरी हो जायेगी।
ज) मोबाइल फोन
- विज्ञान की अद्भुत देन
- त्वरित संपर्क साधन
- खतरे
- उचित प्रयोग
मोबइल फोन आज के समय मे सबसे उपयोगी और जरूरी वस्तु है, हो गई है। दुनिया में आज के समय में हर दूसरे ईन्सान के पास मोबाएल फोन है पहले एक जगह से दूसरी जगह बात करने के लिए चिडिया चला करती थी, फोन में टेलीग्राम हुआ करते थे, जिसमें नंबर लगाकर घंटो या कई दिन तक इंतजार के बाद बात हो पाती।
मोबइल आज के समय में मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है, मोबाइल फोन एक ऐसा चीज है यह आज के समय में सबकी आदत बन गई जिस लोगा चाह भर सकते है।
मोबाइल आज सिर्फ बात करने का जरिया नहीं है, इसकी जगह स्मार्टफोन ने ली है, जो मनुष्य की तरह स्माटीली काम करता है। मोबाइल के द्वारा अच्छी से अच्छी फोटो खीच सकति है। विडियों बन सकता है।
मोबईल में तरह – तरह के गेम भी होते है। आप इसमे मेल भी चेक कर सकते है, इसे छोटा कंप्यूटर कहा जाता है। पहले किसी चीज को जानने के लिए हम अपने टीचर से पूछते थे। ता बड़े या माँ बाप से पहले ज्ञान किसी के द्वारा था सिर्फ किताब से मिलता थापुस्तकालय जाकर किताब से ज्ञान लेना था। आब किसी भी बात को जानने के लिए क्या बच्चा क्या बड़ा सब तुरंत तूतल करते है। इस अनेक रूप से मोबइल मनुष्य को उपयोग बन सका है।
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IX. 38. निम्नलिखित विषय के बारे में पत्र लिखिए। (1 × 5 = 5)
आपनी परीक्षा परिणाम के बारे में पिता के नाम पत्र लिखिए।
उत्तरः
पूज्य पिताजी
सादर प्रणाम आपका पत्र मिला पढकर अत्यंत खुशी हुई। अब मेरी प्रथम परीक्षा आ रही है। इस परीक्षा के लिए में नियमित रूप से अध्ययन कर रहा हूँ। पिछली परीक्षा में मेरे कम अंक आए थे। लेकिन में अब मन लगाकर अभ्यास कर रहा हाँइस बार मेरे अंक अच्छे आएंगे, धीरे – धीरे में प्रगति के पथ पर बढ़ रहा हूँ। मेरी प्रगति देखकर मेरे अध्यापक भी खुश है।
पिताजी को मेरा प्रणाम, छोटी बहन को प्यागा
आपकी आज्ञाधारक पुत्री
संध्या
अथवा
तीन दिन के अवकाश के लिए प्रधानाचार्य के नाम प्रार्थना पत्र लिखिए।
दिनांक : 10-08-2019
प्रेषक,
सुनिल कुमार
विद्या नगर,
बेंगलूर.
सेवा में,
प्रधानाध्यापक,
आदर्श विद्यालय
बेंगलूर
विषय : दो तीन की छुट्टी के लिए निवेदन
मान्यवर,
मैं सुनिलकुमार आपकी पाठशाल में पढनेवाला में पढनेवाला छात्र हूँ। मैं कुछ कारणवश अपने गाँव जा रहा हूँ।
इसलिए मुझे छुट्टी देने के लिए क्या करे। कृपया आप मुझे तीन दिनों की छुट्टी प्रदान करें। इस अवधि में जो अभ्यास होगा। उसे में पाठशाल आने पर पूर्ण करूंगा। कृपया छुट्टी प्रदान करी
धन्यवाद,
आपका आज्ञाकारी छात्रा
सुनिल कुमार